रतलाम जिले में नियमों को ताक पर रखकर भूसा (सूखला) और अन्य सामग्री का परिवहन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ जिला परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। जिला परिवहन अधिकारी श्री जगदीश बिल्लौरे के नेतृत्व में मंगलवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया गया, जिसके तहत कुल
51 हजार रुपये
का समझौता शुल्क वसूल किया गया।
जावरा और बड़ावदा क्षेत्र में कार्रवाई
परिवहन विभाग की टीम ने जावरा एवं बड़ावदा क्षेत्र में दबिश दी। यहाँ भूसा परिवहन कर रहे वाहन क्रमांक
MP.45.G.0804
को ओवरलोड पाए जाने पर रोका गया और मौके पर ही
23,500 रुपये
का जुर्माना वसूला गया। इसी दौरान एक अन्य वाहन (
MP.14.ZF.7813
) के चालक को अपनी श्रेणी से भिन्न वाहन चलाते हुए पाया गया, जिसके चलते उसके लाइसेंस (MP14N-2015-0110068) को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सैलाना और पिपलोदा में भी चला चाबुक
हटनारा, सैलाना और पिपलोदा क्षेत्रों में भी कार्रवाई जारी रही। यहाँ वाहन क्रमांक
MP.11.G.4362
,
MP.13.GB.3274
और
MP.09.LR.4786
के विरुद्ध चालानी कार्यवाही करते हुए
27,500 रुपये
का शुल्क लिया गया।
सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य
आरटीओ श्री बिल्लौरे ने वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी है कि वे केवल वैध दस्तावेज (परमिट, बीमा, पीयूसी, लाइसेंस) के साथ ही वाहन चलाएं। विशेषकर भूसा ढोने वाले वाहनों के लिए निर्देश जारी किए गए हैं कि वाहन को
अंडरलोड
ही रखें। दुर्घटनाओं से बचने के लिए वाहनों पर
रेडियम पट्टी
अनिवार्य रूप से लगाएं। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में भी कोई वाहन मोटरयान अधिनियम 1988 के नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जनता का आरोप: सिर्फ खजाना भरने में दिलचस्पी
परिवहन विभाग की इस मुहिम के बीच स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। लोगों का आरोप है कि विभाग का पूरा ध्यान केवल चालानी कार्रवाई कर सरकारी खजाना भरने पर केंद्रित है। ग्रामीणों का कहना है कि:
विभाग को केवल मालवाहकों से राजस्व वसूलने की पड़ी है। सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रहे ओवरलोड सवारी वाहनों और डग्गामार बसों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। आम जनता की जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर है, लेकिन विभाग को यात्रियों की सुरक्षा से ज्यादा समझौता शुल्क में रुचि है।