ई-टोकन : बिना खाद बेचने वाले 5 निजी विक्रेताओं को नोटिस
Thu, Apr 9, 2026
जिले में उर्वरक वितरण की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लागू की गई ई-टोकन प्रणाली की अनदेखी करने वाले विक्रेताओं पर प्रशासन ने नकेल कसना शुरू कर दिया है। कलेक्टर मिशा सिंह के आदेशानुसार, जिले के 5 निजी उर्वरक विक्रेताओं को ई-टोकन के बिना खाद बेचने पर 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया गया है।
उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास, श्री आर.के. सिंह ने बताया कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत 1 अप्रैल से पूरे जिले में
ई-विकास (ई-टोकन)
प्रणाली के माध्यम से ही शत-प्रतिशत उर्वरक वितरण के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद, 5 अप्रैल को निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पांच निजी विक्रेताओं ने बिना ई-टोकन जनरेट किए ही खाद का विक्रय किया।
होगी सख्त कार्रवाई :
कृषि विभाग के अनुसार, इन विक्रेताओं को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। श्री सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि इन विक्रेताओं के जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध
उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985
के प्रावधानों के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
किसानों की सुविधा के लिए नियम अनिवार्य :
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हो, ताकि किसानों को लंबी लाइनों से निजात मिले और कालाबाजारी पर रोक लग सके। सभी निजी और सहकारी विक्रेताओं को सख्त हिदायत दी गई है कि वे केवल ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से ही खाद का वितरण सुनिश्चित करें।
रसोई पर क्षेत्रवाद : शहरों में 25 तो गांवों में 45 दिन में सिलेंडर
Tue, Apr 7, 2026
मध्य प्रदेश सरकार की ईंधन समीक्षा बैठक ने एक बड़े विवाद को हवा दे दी है। मंत्रालय में हुई मंत्रिमंडल समिति की बैठक में घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए जो समय सीमा तय की गई है, उसने सरकार की मंशा और कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। नियम के मुताबिक, शहरों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अंतराल पर सिलेंडर बुक किए जा सकेंगे।
जनता का सवाल: क्षेत्र बदलने से क्या खपत बदल जाती है ?
सरकार के इस नियम पर आम जनता और विशेषज्ञों ने कड़ा ऐतराज जताया है। सवाल यह है कि क्या भौगोलिक क्षेत्र बदल जाने से रसोई में गैस की खपत कम हो जाती है ? एक औसत परिवार की जरूरतें शहर और गांव में एक जैसी होती हैं, फिर ग्रामीणों को 45 दिन के लंबे इंतजार की 'सजा' क्यों दी जा रही है ? क्या यह मान लिया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग लकड़ी या चूल्हे पर निर्भर हैं ?
कड़े तेवर: पीएनजी अपनाओ वरना कटेगा कनेक्शन :
बैठक में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पीएनजी विस्तार को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने लक्ष्य दिया है कि अगले 3 महीनों में 2 लाख नए घरों तक पाइपलाइन पहुंचाई जाए। अधिकारियों को दो टूक कहा है कि जिन इलाकों में पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां के उपभोक्ता जल्द आवेदन करें। यदि आगामी 3 माह में पीएनजी कनेक्शन नहीं लिया गया, तो उपभोक्ताओं का एलपीजी (सिलेंडर) कनेक्शन बंद किया जा सकता है।
कालाबाजारी और आपूर्ति का दावा :.
सरकार का कहना है कि प्रदेश में क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है। कालाबाजारी रोकने के लिए अब तक 3226 स्थानों पर छापे मारकर 3872 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। पर जब्त सिलेंडर के उपयोग पर अभी तक स्पष्टीकरणक कमी है। व्यावसायिक सिलेंडर की आपूर्ति भी अब 20% से बढ़ाकर 70% कर दी गई है।
5 दिन में मिलेगा नया कनेक्शन :
अब आवासीय परिसरों, स्कूलों और आंगनवाड़ियों को आवेदन के मात्र 5 दिन के भीतर पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। मैनपावर बढ़ाने के लिए आईटीआई और पॉलिटेक्निक प्रशिक्षार्थियों की मदद ली जाएगी।
निष्कर्ष:
एक तरफ सरकार पीएनजी के जरिए आधुनिकता का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलेंडर के लिए 45 दिन का इंतजार करवाकर एक बड़ी आबादी के साथ भेदभाव कर रही है। अब देखना यह है कि इस विरोध के बाद क्या सरकार बुकिंग के इन 'अजीब' नियमों में कोई बदलाव करती है या नहीं।
मप्र में हिन्दू महासभा ने कसी कमर : संगठन की मजबूती के लिए नई नियुक्तियों का ऐलान
Sun, Mar 29, 2026
अखिल भारत हिन्दू महासभा ने मध्यप्रदेश में संगठन को नई धार देने के उद्देश्य से अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष
वीरसिंह राजपूत
ने राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में विभिन्न पदों पर नियुक्तियां कर कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
यह सूची राष्ट्रीय संगठन मंत्री राकेश तिवारी के निर्देश और श्री दिनेश सुंघंधी व सुनंदा दीदी की सहमति के बाद जारी की गई। संगठन का लक्ष्य जमीनी स्तर पर अपनी पैठ को और मजबूत करना है।
प्रमुख नियुक्तियां और जिम्मेदारियां :
नई सूची के अनुसार प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से अनुभवी चेहरों को शामिल किया गया है:
संत एवं गोरक्षा महासभा में नियुक्तियां :
संगठन ने आध्यात्मिक और सामाजिक मोर्चे पर भी विशेष ध्यान दिया है।
रामदास महाराज (उज्जैन)
को संत महासभा का प्रदेश प्रभारी और
निलेशनंद तिवारी (उज्जैन)
को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, हरदा के
सदगुरु महाराज
को प्रदेश अध्यक्ष (गोरक्षा) की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रदेश अध्यक्ष वीरसिंह राजपूत
ने कहा कि ये नियुक्तियां संगठन की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी नवनियुक्त पदाधिकारी निष्ठा के साथ काम करते हुए मध्यप्रदेश में महासभा के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।