रसोई पर क्षेत्रवाद : शहरों में 25 तो गांवों में 45 दिन में सिलेंडर
Tue, Apr 7, 2026
मध्य प्रदेश सरकार की ईंधन समीक्षा बैठक ने एक बड़े विवाद को हवा दे दी है। मंत्रालय में हुई मंत्रिमंडल समिति की बैठक में घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए जो समय सीमा तय की गई है, उसने सरकार की मंशा और कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। नियम के मुताबिक, शहरों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अंतराल पर सिलेंडर बुक किए जा सकेंगे।
जनता का सवाल: क्षेत्र बदलने से क्या खपत बदल जाती है ?
सरकार के इस नियम पर आम जनता और विशेषज्ञों ने कड़ा ऐतराज जताया है। सवाल यह है कि क्या भौगोलिक क्षेत्र बदल जाने से रसोई में गैस की खपत कम हो जाती है ? एक औसत परिवार की जरूरतें शहर और गांव में एक जैसी होती हैं, फिर ग्रामीणों को 45 दिन के लंबे इंतजार की 'सजा' क्यों दी जा रही है ? क्या यह मान लिया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग लकड़ी या चूल्हे पर निर्भर हैं ?
कड़े तेवर: पीएनजी अपनाओ वरना कटेगा कनेक्शन :
बैठक में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पीएनजी विस्तार को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने लक्ष्य दिया है कि अगले 3 महीनों में 2 लाख नए घरों तक पाइपलाइन पहुंचाई जाए। अधिकारियों को दो टूक कहा है कि जिन इलाकों में पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां के उपभोक्ता जल्द आवेदन करें। यदि आगामी 3 माह में पीएनजी कनेक्शन नहीं लिया गया, तो उपभोक्ताओं का एलपीजी (सिलेंडर) कनेक्शन बंद किया जा सकता है।
कालाबाजारी और आपूर्ति का दावा :.
सरकार का कहना है कि प्रदेश में क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है। कालाबाजारी रोकने के लिए अब तक 3226 स्थानों पर छापे मारकर 3872 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। पर जब्त सिलेंडर के उपयोग पर अभी तक स्पष्टीकरणक कमी है। व्यावसायिक सिलेंडर की आपूर्ति भी अब 20% से बढ़ाकर 70% कर दी गई है।
5 दिन में मिलेगा नया कनेक्शन :
अब आवासीय परिसरों, स्कूलों और आंगनवाड़ियों को आवेदन के मात्र 5 दिन के भीतर पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। मैनपावर बढ़ाने के लिए आईटीआई और पॉलिटेक्निक प्रशिक्षार्थियों की मदद ली जाएगी।
निष्कर्ष:
एक तरफ सरकार पीएनजी के जरिए आधुनिकता का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलेंडर के लिए 45 दिन का इंतजार करवाकर एक बड़ी आबादी के साथ भेदभाव कर रही है। अब देखना यह है कि इस विरोध के बाद क्या सरकार बुकिंग के इन 'अजीब' नियमों में कोई बदलाव करती है या नहीं।
मप्र में हिन्दू महासभा ने कसी कमर : संगठन की मजबूती के लिए नई नियुक्तियों का ऐलान
Sun, Mar 29, 2026
अखिल भारत हिन्दू महासभा ने मध्यप्रदेश में संगठन को नई धार देने के उद्देश्य से अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष
वीरसिंह राजपूत
ने राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में विभिन्न पदों पर नियुक्तियां कर कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
यह सूची राष्ट्रीय संगठन मंत्री राकेश तिवारी के निर्देश और श्री दिनेश सुंघंधी व सुनंदा दीदी की सहमति के बाद जारी की गई। संगठन का लक्ष्य जमीनी स्तर पर अपनी पैठ को और मजबूत करना है।
प्रमुख नियुक्तियां और जिम्मेदारियां :
नई सूची के अनुसार प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से अनुभवी चेहरों को शामिल किया गया है:
संत एवं गोरक्षा महासभा में नियुक्तियां :
संगठन ने आध्यात्मिक और सामाजिक मोर्चे पर भी विशेष ध्यान दिया है।
रामदास महाराज (उज्जैन)
को संत महासभा का प्रदेश प्रभारी और
निलेशनंद तिवारी (उज्जैन)
को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, हरदा के
सदगुरु महाराज
को प्रदेश अध्यक्ष (गोरक्षा) की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रदेश अध्यक्ष वीरसिंह राजपूत
ने कहा कि ये नियुक्तियां संगठन की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी नवनियुक्त पदाधिकारी निष्ठा के साथ काम करते हुए मध्यप्रदेश में महासभा के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
दिव्यदृष्टि कलाकारों की सुरमयी शाम : शारीरिक अक्षमता को प्रतिभा से दी मात
Tue, Mar 17, 2026
शहर के ऐतिहासिक गुलाब चक्कर परिसर में 'दिव्यदृष्टि' संस्था द्वारा संगीत की एक शानदार शाम ‘तेरी आंखों की चाहत में’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें शामिल गायक और संगीतकारों ने अपनी शारीरिक अक्षमता को अपनी असाधारण प्रतिभा के आगे बौना साबित कर दिया। रतलाम और इंदौर के इन विशेष कलाकारों ने अपनी सुरीली प्रस्तुतियों से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अनुनाद के संरक्षक सुरेंद्र शर्मा और अध्यक्ष अजीत जैन द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। सुर संगम आर्केस्ट्रा के संजय गरूड़ के निर्देशन में कलाकारों ने एक के बाद एक 20 से अधिक सदाबहार गीतों की प्रस्तुतियां दीं।
प्रतिभा का अनूठा संगम
मंच पर संध्या शर्मा, पूजा पटवा, जितेंद्र चौहान, अभिजीत सिंह, भव्यराज राठौर, परम जैन, विशाल सोलंकी, नीरज सिंह, श्याम शर्मा और मुन्नालाल शर्मा जैसे कलाकारों ने अपनी गायकी का लोहा मनवाया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में न्यायाधीश नीरज पवैया, कर्नल हरमीत सिंह, उप जेल अधीक्षक ब्रजेश मकवाना, कर सलाहकार शांतिलाल चपलोत और रत्नेश विजयवर्गीय उपस्थित थे।
संजय गरूड़ का हुआ सम्मान
इस अवसर पर अतिथियों द्वारा संगीत निर्देशक संजय गरूड़ का विशेष अभिनंदन किया गया। उल्लेखनीय है कि श्री गरूड़ वर्तमान में रेलवे में कार्यरत हैं और उन्होंने वर्ष 1999 से 2010 तक लायंस क्लब रतलाम द्वारा संचालित ज्ञानदीप दृष्टिहीन विद्यालय में निःशुल्क सेवाएं प्रदान कर कई प्रतिभाओं को तराशा है।
कार्यक्रम के दौरान अनुनाद संस्था के अशोक शर्मा, डॉ. चंचल चौहान, गणेश मिश्रा, संजय परसाई, मनोज जोशी, नरेंद्र सिंह शेखावत, सुरेश सिंह तंवर और योगगुरु विशाल कुमार वर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन आशीष दशोत्तर ने किया। इस गरिमामयी शाम का आनंद लेने के लिए शहर के बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।