कब तक दांव पर लगेगी मासूमों की जान ? : एक और स्कूल वाहन दुर्घटनाग्रस्त
Fri, Dec 26, 2025
24 दिसंबर 2025 को रतलाम जिले के कालूखेड़ा और चिकलाना के बीच बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहां बच्चों से भरी एक निजी स्कूल की वैन (मैजिक वाहन) अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में वैन में सवार करीब 15-18 स्कूली बच्चों में से कई को चोटें आई हैं, जिनमें से 7 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और बच्चों को खिड़कियों से बाहर निकाला।
तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग बनी हादसे की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चिकलाना स्थित संस्कार पब्लिक स्कूल की यह वैन बच्चों को स्कूल से घर छोड़ने जा रही थी। वैन की रफ्तार काफी तेज थी और उसमें क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे। चिकलाना के पास एक तीखे मोड़ पर चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिससे वाहन सड़क किनारे खेत में जाकर पलट गया। हादसे के बाद बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे।
अस्पताल में मची अफरा-तफरी, परिजनों का गुस्सा
घायल बच्चों को तत्काल ढोढर के सरकारी अस्पताल और कुछ को जावरा सिविल अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलते ही बच्चों के परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया। परिजनों का आरोप है कि स्कूल वाहन खटारा स्थिति में हैं और चालक लापरवाही से गाड़ी चलाते हैं। एसडीएम सुनील जायसवाल और पुलिस प्रशासन की टीम ने भी अस्पताल पहुंचकर बच्चों का हाल जाना।
घायल छात्रों के नाम : पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल बच्चों में जयवर्धन सिंह, अंकिता धाकड़, अभिनव धाकड़, यशस्वी सूर्यवंशी, तेसीम और रेहाना शामिल हैं। हादसे में स्कूल की एक शिक्षिका को भी चोट आई है।
जांच के आदेश, प्रशासन सख्त : रतलाम एएसपी विवेक लाल ने बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वाहन के फिटनेस और ओवरलोडिंग की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन और चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एक महीने में दूसरी घटना : बता दें कि बीते 9 दिसंबर को भी बड़ावदा क्षेत्र में डेस्टिनेशन स्कूल की वैन पलटने से 12 बच्चे घायल हुए थे। बार-बार हो रहे इन हादसों ने जिले में स्कूली वाहनों की सुरक्षा और प्रशासन की मुस्तैदी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
विकास को मिलेगी नई रफ्तार : इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में रतलाम का समावेश
Mon, Dec 15, 2025
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इंदौर में आयोजित बैठक में इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के विस्तार का निर्णय लिया गया है। इस विस्तारित मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में लगभग 14 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शामिल होगा, जिसमें उज्जैन, देवास, धार, रतलाम, नागदा, बदनावर तथा शाजापुर–मक्सी क्षेत्र को सम्मिलित किया गया है।
एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने रतलाम के इस महत्वपूर्ण समावेश पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि और विकासोन्मुख सोच का परिचायक है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के दो वर्षीय कार्यकाल में मालवा अंचल सहित पूरे प्रदेश के संतुलित और समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं।
श्री काश्यप ने कहा कि इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र की परिकल्पना इस क्षेत्र की मजबूत अधोसंरचना को ध्यान में रखकर की गई है। इसमें पांच से अधिक बड़े रेलवे जंक्शन, इंदौर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, उज्जैन एवं रतलाम के प्रस्तावित हवाई अड्डे, दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे, दिल्ली–मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तथा इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस विकासोन्मुखी निर्णय से रतलाम का सर्वांगीण विकास होगा और शहर इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में एक प्रमुख व्यापारिक एवं औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा। श्री काश्यप ने रतलाम के प्रति विशेष लगाव और उसे विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का धन्यवाद ज्ञापित किया।
नशा मुक्त भारत अभियान के 5 वर्ष पूर्ण : सार्वजनिक स्थान पर दिलाई नशामुक्ति की शपथ
Thu, Nov 20, 2025
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा जिला प्रशासन रतलाम द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के सफल पाँच वर्ष पूर्ण होने पर कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राष्ट्रीय जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने रेडक्रॉस सोसायटी रतलाम के अध्यक्ष श्री प्रीतेश गादिया एवं अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में सभी प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई।
इसके साथ ही, जिला पंचायत की सीईओ वैशाली जैन ने जनसुनवाई के दौरान उपस्थित जनसमुदाय एवं अधिकारियों को भी नशा मुक्ति की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य : अभियान की 5 वर्ष की उपलब्धियों को रेखांकित करना, सामुदायिक भागीदारी बढ़ाना, युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, विद्यालयों, कॉलेजों, विश्वविद्यालय परिसरों तथा समुदायों में जागरूकता को सशक्त बनाना रहा।
सभी उपस्थित जनों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया : “मैं स्वयं नशामुक्त रहूंगा/रहूँगी और अपने परिवार, समाज तथा राष्ट्र को नशामुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करूँगा/करूँगी।”
कार्यक्रम में एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती राधा मंहत, सामाजिक न्याय उपसंचालक श्रीमती संध्या शर्मा, जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक एवं नोडल अधिकारी श्री रत्नेश विजयवर्गीय, सहित अनेक अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।