पिता की मृत्यु के बाद उनके वारिसों को बना रहे ट्रस्टी : धर्मदास जैन श्री संघ ने की कलेक्टर से शिकायत
Raj Kumar Luniya
Tue, Apr 21, 2026
शहर के श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ ट्रस्ट बोर्ड में चल रही अनियमितताओं और मनमर्जी के खिलाफ श्री धर्मदास जैन श्री संघ ने मोर्चा खोल दिया है। कलेक्टर को सौंपी गई शिकायत में ट्रस्टियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि वे समाज की संस्था को अपनी निजी जागीर की तरह चला रहे हैं।
अनुमोदन को ठेंगा, मनमर्जी से नियुक्तियां : शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ट्रस्ट बोर्ड में नए ट्रस्टियों की नियुक्ति के लिए श्री संघों का अनुमोदन अनिवार्य है, लेकिन वर्तमान प्रबंधन नियमों को ताक पर रखकर अपनी मर्जी से ही नए ट्रस्टी बना रहा है। समाज की कार्यकारिणी द्वारा प्रस्तावित अधिकृत प्रतिनिधियों को जान-बूझकर ट्रस्ट में शामिल नहीं किया जा रहा है, जिससे समाज में भारी आक्रोश है।
पिता की मौत के बाद कुर्सी पर 'वारिसों' का कब्जा : मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह किया गया है कि पुराने ट्रस्टियों की मृत्यु के बाद उनके वारिसों को नियम विरुद्ध तरीके से ट्रस्टी बनाया जा रहा है। श्री संघ ने आरोप लगाया कि यह एक सार्वजनिक ट्रस्ट है, न कि कोई निजी संपत्ति, जहां पिता के बाद पुत्र को स्वतः पद मिल जाए। बिना किसी अधिकृत चयन प्रक्रिया और संघ की सहमति के, वारिसों को ट्रस्टी बनाना पूरी तरह से अवैध है।
करोड़ों की संपत्ति और चंदे पर सवाल : गौरतलब है कि इस ट्रस्ट के पास शहर में कई कीमती धार्मिक संपत्तियां, स्थानक और समाज के लोगों द्वारा दिया गया करोड़ों रुपये का दान (डोनेशन) है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि जब ट्रस्ट की संपत्तियां करोड़ों में हैं, तो उनकी सुरक्षा और प्रबंधन पारदर्शी होना चाहिए, न कि गुपचुप तरीके से अपनों को पदों पर बैठाकर।
हठधर्मिता रही तो होगा आंदोलन : श्री धर्मदास जैन श्री संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इन अवैध नियुक्तियों को रद्द कर सही प्रतिनिधियों को जगह नहीं दिलाई, तो समाज की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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