: सूरी रामचंद्र समुदाय के गच्छाधिराज आचार्य श्रीमद विजय पुण्यपाल सुरीश्वरजी महाराजा द्वारा परम समाधि पूर्वक देह त्याग दिया गया : Video
admin
Fri, Jan 24, 2025
वर्तमान जैन शासन में सबसे बड़े समुदाय के गच्छाधिपति करीब 2000 श्रमण श्रमणी भगवंतों के जीवन आधार, संचालन और योगशेष करने वाले जैन शासन सिरताज, दीक्षा युग प्रवर्तक सूरी रामचंद्र समुदाय के गच्छाधिराज, परम पूज्य आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय पुण्यपाल सुरीश्वर जी महाराजा ने चतुर्विध श्री संघ की उपस्थिति में श्री नमस्कार महामंत्र का श्रवण करते हुए 23 जनवरी शाम 6:15 पर मुलुण्ड मुंबई में परम समाधि पूर्वक देह त्याग किया।

उपरोक्त जानकारी देते हुए आराधना भवन श्री संघ अध्यक्ष अशोक लुनिया व सचिव हिम्मत गेलड़ा ने बताया कि 23 जनवरी की शाम को जैसे ही यह दुखद समाचार प्राप्त हुआ पूरे देश में भक्तजनों के साथ आराधना भवन श्री संघ रतलाम में भी शोक की लहर फैल गई एवं देश भर से हजारों की संख्या में भक्तजन मुलुण्ड मुंबई पहुंचना शुरू हो गए। जहां 24 जनवरी को विधि विधान से उनका अंतिम अग्नि संस्कार संपन्न हुआ।
गच्छाधिपति पुण्यपाल सुरीश्वर जी महाराजा ने 8 वर्ष की उम्र में ही दीक्षा ग्रहण कर ली थी एवं अपने 70 वर्ष संयम जीवन में रहते हुए, स्वयं का आत्म कल्याण करते हुए आपने जिन शासन की सेवा एवं शोभा बढ़ाई। आराधना भवन श्रीसंघ में उनके देवलोक गमन पर दोपहर को चतुर्विध श्री संघ द्वारा देववंदन पूज्य मुनिराज समभाव विजय जी की निश्रा में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर अशोक लुनिया, पप्पू मुंबई वाला, हिम्मत गेलड़ा, विजय मेहता, विनोद मूणत, प्रदीप पीपाड़ वाला, अजय नाहर, सुरेंद्र भरगट, पारस गुगलिया, लाभचंद सकलेचा, विनीत गांधी, राजेश सकलेचा आदि बड़ी संख्या में श्रावक श्राविकाओं ने देव वंदन कर परम पूज्य गच्छाधिपति पुण्यपाल सुरेश्वर जी महाराजा को भावांजलि दी।
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