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: स्वंय को ही करना है जीवन की रक्षा, शासन प्रशासन के भरोसे मत रहो, क्योंकि भरोसे की भेस अक्सर......

admin

Sun, Mar 16, 2025

टिमटिमाती सड़क लाइटें बन रही है दुर्घटनाओं का कारण, एक समय वेपर लेम्प का था जिसकी दूधिया रोशनी सड़कों पर रहती थी तो बच्चे इस रोशनी में पढते भी थे, लेकिन आज की टिमटिमाती रोशनी सड़कों पर अंधेरे का कारण बन गई है। सड़कों के गड्ढे, पशुओं के जमघट, आवारा कुत्तों के कारण तो दुर्घटनाएं हो रही है अब टिमटिमाती रोशनी के कारण भी दर्घटनाए हो रही है।

रतलाम शहर की स्ट्रीट लाइटें अक्सर बड़ी संख्या में बंद रहती है जिसका एक बड़ा कारण इनका रखरखाव बेपरवाह निजी एजेंसी को दिया जाना है जिसके कारण किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है। शांति समिति एक एसा मंच है जिसमें सदस्य सड़क लाइटों, सड़कों के गड्ढों, बदहाल यातायात की बात रखतें है उन्हें विषयांतर कहकर अधिकारी रोक देते है। एसी स्थिति में लोग किसे यह समस्याएं बताएंगे, नेताओं को इन समस्याओं से कोई मतलब नहीं।

एसी स्थिति में शहर गंभीर समस्याओं से परेशान है और प्रशासन को चाहिए कि वह सड़क पर उतरकर इन समस्याओं को देखे और परेशान जनता को राहत दिलवाएं व नेताओं के निर्देश का इन्तजार न करें। क्योंकि उन्हें जनसमस्याओं से लेनादेना नही रहता। कोई एसी समितियां भी नही है जिसमें जन समस्याओं को लोग रख सके। एक मात्र शांति समिति है जिसमें जिम्मेदार नागरिक अपनी बात रखते है लेकिन वह खानापूर्ति और एजेंडे तक सीमित रहती है।

पत्रकार शरद जी जोशी की कलम से

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