अमर व्यक्तित्व : 100 बार रक्तदान किया जाते-जाते भी नेत्रदान से रोशन की दुनिया
Raj Kumar Luniya
Thu, Jan 1, 2026
समाजसेवा, खेल जगत और श्रमिक संगठनों के सशक्त हस्ताक्षर तथा रोटरी क्लब डायमंड के अध्यक्ष अश्विनी शर्मा (61) का मंगलवार को बड़ोदरा में उपचार के दौरान निधन हो गया। 28 दिसंबर को ब्रेन स्ट्रोक के बाद उन्हें बड़ोदरा ले जाया गया था, जहाँ सर्जरी के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
जीवनभर बहाई सेवा की सरिता
स्व. अश्विनी शर्मा का जीवन संघर्ष और समर्पण का संगम था। उन्होंने अपने जीवनकाल में 100 से अधिक बार रक्तदान कर मानवता की सेवा की। खेल गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को नई दिशा देना और श्रमिकों के अधिकारों के लिए लड़ना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था।
मृत्यु के बाद भी अमर रही सेवा भावना
उनके निधन के बाद परिजनों ने उनके सेवा-संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए नेत्रदान का साहसिक निर्णय लिया। पार्थिव शरीर रतलाम लाए जाने पर मेडिकल कॉलेज की टीम ने नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की।
"अश्विनी जी का जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनके नेत्रदान के निर्णय ने मृत्यु के बाद भी उन्हें अमर कर दिया है।" — उपस्थित शुभचिंतक
जागरूकता का बना केंद्र
नेत्रदान की प्रक्रिया के दौरान मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अनीता मुथा के निर्देशन में डॉ. रिशेन्द्र सिसोदिया और उनकी टीम ने कार्य किया। इस दौरान उपस्थित सैकड़ों लोगों ने कार्निया संरक्षण की प्रक्रिया को समझा और नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया। वहाँ उपस्थित कई लोगों ने भविष्य में अंगदान और नेत्रदान का संकल्प भी लिया।
अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब
नेत्रदान के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, नेत्रम संस्था के सदस्य, रोटरी क्लब के पदाधिकारी और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने नम आँखों से इस कर्मयोगी को विदाई दी।
Tags :
Blood_Donation
SOCIAL_WORK
Sports
विज्ञापन
विज्ञापन