अधिकारियों को प्रशिक्षण : महिला अपराधों की जांच में संवेदनशीलता पर जोर
Raj Kumar Luniya
Tue, Oct 28, 2025
महिला अपराधों से संबंधित मामलों में विवेचना की गुणवत्ता सुधारने और अभियोजन प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रतलाम रेंज में पुलिस अधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।
यह द्वितीय प्रशिक्षण सत्र पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) रतलाम रेंज श्री निमिष अग्रवाल के निर्देशन में नवीन पुलिस कंट्रोल रूम, रतलाम में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के पहले सत्र का आयोजन 6 अक्टूबर को किया गया था।
कार्यक्रम की शुरुआत में DIG श्री निमिष अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने प्रशिक्षणार्थी विवेचकों को महिला अपराधों की विवेचना के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों, कानूनी बारीकियों एवं साक्ष्य संकलन की सटीकता पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि विवेचना की गुणवत्ता ही न्याय सुनिश्चित करने का आधार है।
प्रशिक्षण सत्र का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश खाखा द्वारा किया गया। इसमें विशेषज्ञ अधिकारियों ने पाँच प्रमुख विषयों पर व्याख्यान एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया —
1️⃣ सायबर अपराध एवं शिकायतों पर कार्यवाही – सायबर सेल प्रभारी प्रआर मनमोहन शर्मा, आरक्षक हिम्मत सिंह, आरक्षक विपुल भावसार एवं मयंक व्यास ने मोबाइल, सोशल मीडिया एवं वित्तीय धोखाधड़ी जैसे सायबर अपराधों की जांच की आधुनिक तकनीकों और डिजिटल साक्ष्य संकलन पर प्रशिक्षण दिया।
2️⃣ नवीन आपराधिक कानूनों के प्रावधान – नगर पुलिस अधीक्षक श्री सत्येंद्र घनघोरिया एवं सहायक लोक अभियोजन अधिकारी श्री योगेश तिवारी ने BNS, BNSS एवं BSA के प्रमुख प्रावधानों का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया तथा अपराध पंजीयन एवं गिरफ्तारी की नई प्रक्रियाओं पर प्रकाश डाला।
3️⃣ महिला संबंधी अपराधों की विवेचना की प्रक्रिया – उप पुलिस अधीक्षक (महिला सुरक्षा) श्री अजय सारवान ने महिला अपराधों में संवेदनशीलता, कानूनी सटीकता और साक्ष्य संकलन की सावधानियों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
4️⃣ फॉरेंसिक साक्ष्य एवं वैज्ञानिक जांच की भूमिका – एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल ने वैज्ञानिक साक्ष्य के संरक्षण, विश्लेषण और अभियोजन में उसकी भूमिका पर चर्चा की।
5️⃣ एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अपराधों की विवेचना – जिला अभियोजन अधिकारी श्री गोल्डन रॉय ने तलाशी, जब्ती, नमूना परीक्षण और न्यायालयीन प्रक्रिया के कानूनी पहलुओं को विस्तार से समझाया।
इस प्रशिक्षण में रतलाम, मंदसौर एवं नीमच जिलों से 24 विवेचना अधिकारियों (6 उप निरीक्षक, 6 सहायक उप निरीक्षक और 12 प्रधान आरक्षक) ने सहभागिता की। सत्र के दौरान रक्षित निरीक्षक श्री मोहन भर्रावत सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का मूल्यांकन टेस्ट के माध्यम से किया गया, जिसमें प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया।
इस आयोजन का उद्देश्य पुलिस विवेचना की गुणवत्ता में सुधार कर न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पीड़ित केंद्रित बनाना रहा।
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